वेनेज़ुएला की राजधानी कराकस में शुक्रवार (2 जनवरी 2026) की देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब कम ऊंचाई पर उड़ते कई विमानों की आवाज़ें सुनी गईं और इसके बाद एक के बाद एक कम से कम सात विस्फोटों की गूंज पूरे शहर में फैल गई. यह घटना स्थानीय समयानुसार रात करीब दो बजे हुई, जिसने आम नागरिकों में भय का माहौल पैदा कर दिया. घटना के कुछ ही घंटों बाद वेनेज़ुएला सरकार ने आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी करते हुए इसे देश की संप्रभुता पर सीधा सैन्य हमला करार दिया.
हमले के पीछे क्या बताया गया मकसद

वेनेज़ुएला सरकार ने आरोप लगाया है कि इस हमले का उद्देश्य देश के रणनीतिक संसाधनों, खासकर तेल और खनिज भंडारों पर कब्ज़ा करना और बलपूर्वक उसकी राजनीतिक स्वतंत्रता को तोड़ना है. सरकार ने साफ कहा कि ऐसे प्रयास पहले भी विफल हुए हैं और आगे भी सफल नहीं होंगे. बयान में कहा गया कि दो सौ वर्षों से अधिक समय से स्वतंत्र रहा वेनेज़ुएला किसी भी औपनिवेशिक या साम्राज्यवादी दबाव के सामने झुकने वाला नहीं है.
इतिहास का हवाला और जनता का आह्वान
सरकारी बयान में वेनेज़ुएला के ऐतिहासिक संघर्षों का भी उल्लेख किया गया. कहा गया कि 1811 से अब तक देश ने कई साम्राज्यवादी ताकतों का सामना किया है. 1902 की बमबारी का उदाहरण देते हुए कहा गया कि उस समय भी वेनेज़ुएला ने विदेशी दबाव के आगे घुटने नहीं टेके थे. सरकार ने कहा कि आज भी बोलिवार, मिरांडा और स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत के साथ वेनेज़ुएला की जनता एक बार फिर अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए खड़ी है.

राष्ट्रपति मादुरो ने देशव्यापी आपात स्थिति घोषित की
इस घटनाक्रम के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने देश में आपात स्थिति घोषित करने वाले आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं. उन्होंने संविधान और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कानूनों के तहत सभी राष्ट्रीय रक्षा योजनाओं को लागू करने के निर्देश दिए हैं. राष्ट्रपति ने सभी राज्यों और नगरपालिकाओं में रक्षा संचालन निकायों की तत्काल तैनाती का आदेश दिया है, ताकि किसी भी संभावित सशस्त्र संघर्ष की स्थिति से निपटा जा सके.
आत्मरक्षा के अधिकार पर जोर
वेनेज़ुएला ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 का हवाला देते हुए कहा है कि वह अपने नागरिकों, अपने क्षेत्र और अपनी स्वतंत्रता की रक्षा के लिए वैध आत्मरक्षा का अधिकार सुरक्षित रखता है. सरकार ने लैटिन अमेरिका, कैरेबियाई क्षेत्र और दुनिया भर के देशों से इस कथित आक्रमण के खिलाफ एकजुट होने की अपील की है.























